This show will include Short stories, poems, Shayaries, inspirational talks,
interviews & lots off.... And yes this podcast will be multilingual, it will include dialect likeEnglish, Hindi, Gujarati & Kachchhi .
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कर्म-प्रधान विश्व रचि राखा’ यह उक्ति श्रीमदभगवद गीता के इस सिद्धांत या कर्मवाद सिद्धांत पर आधारित है कि ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन:’ अर्थात इस संसार में बिना फल या परिणाम की चिंता किए निरंतर कर्म करते रहना ही मानव का अधिकार अथवा मानव के वश की बात है। दूसरे रूप में इस कथन की व्याख्या इस तरह भी की जा सकती है-फल की चिंता किए बिना जो व्यकित अपने उचित कर्तव्य-कर्म करता रहता है, उसे अपने कर्म के अनुसार उचित फल अवश्य मिलता है। अच्छे कर्मों का अच्छा और बुरे कर्मों का अवश्यंभावी बुरा फल या परिणाम, यही मानव-नियति का अकाटय विधान है। इस कर्मवाद के सिद्धांत के विवेचन से जो संकेतार्थ या ध्वन्यार्थ प्राप्त होता है, वह यह कि विधाता ने संसार को बनाया ही कर्म-क्षेत्र और कर्म-प्रधान है। जो व्यक्ति मन लगाकर अपना निश्चित कर्तव्य कर्म करता जाता है, अंत में सफल, सुखी और समृद्ध वही हुआ करता है। इसके विपरीत जो व्यक्ति भाज्य के सहारे बैठे रहते हैं, तनिक-सी असफलता पर भाज्य का अर्थात भाज्य खराब होने का रोना रोने लगते हैं, जिनमें अपने मन पर काबू नहीं, कर्म के प्रति निष्ठा और समर्पण -भाव नहीं, आत्मविश्वास नहीं हुआ करता, वे निरंतर असफलता का ही सामना किया करते हैं। उन्हें भूल जाना चाहिए कि कभी वे लोग सुख-शांति और स्वाभाविक समृद्धि के पास तक भी फटक सकेंगे। और ऐसी ही अनेक बातें.. जानने के लिए सुनते रहिए.. दिल की बातें….टाटा..Bby ..take care.. See you..Save trees🌲🌳🌴Save life..Stay tune.. Stay Safe.. 👍
13 Dec 2022
Safalta
इस दुनिया में हर कोई अपने जीवन में सफल होने का प्रयास करता है। मैंने अपने जीवन में आज तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं देखा जो असफलता की इच्छा रखता हो। आपने एकलव्य का नाम अवश्य सुना होगा जो कि एक शूद्र जाती से था। महान महाकाव्य महाभारत में एकलव्य की कहानी कड़ी मेहनत का एक बड़ा उदहारण है, जिसने अपनी कड़ी मेहनत के कारण बिना किसी गुरु के संरक्षण में अपनी सफलता को साबित किया।आपने कभी किसी चींटी को भोजन का टुकड़ा ले जाते हुए देखा है? कई बार वो जो खाना ले जाती है वो कई गुना भारी होता है कि वह खाना बीच में ही गिर जाती हैं। इसके बावजूद भी चींटियां कभी निराश नहीं होती हैं और फिर से वो उसे ले जाने की कोशिश में लग जाती हैं। मुझे लगता है कि यह कड़ी मेहनत का एक सबसे अच्छा उदहारण है, जो हमें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। और ऐसी ही अनेक बातें.. जानने के लिए सुनते रहिए.. दिल की बातें….टाटा..Bby ..take care.. See you..Save trees🌲🌳🌴Save life..Stay tune.. Stay Safe.. 👍
7 Sept 2022
किताबें इन्सानों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं.
कहते हैं किताबें इन्सानों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं. जैसे व्यक्ति अपने दोस्त का हर पल, हर घड़ी, हर मुश्किल में साथ देते हैं, वैसे ही किताबें भी हर विषम परिस्थिति में मनुष्य की सहायक होती है. किताबों में हर मुश्किल सवाल, परिस्थिति का हल छुपा होता है. इंसान किसी भी दुविधा में रहे, किताबों को पढ़ने से, समझने से उसकी सोच का विस्तार होता है. कुछ लोग किताबें पढ़ने के शौकीन होते हैं. उन्हें तरह तरह की किताबों को संग्रह करना अच्छा लगता है. और ऐसी ही अनेक बातें.. जानने के लिए सुनते रहिए.. दिल की बातें….टाटा..Bby ..take care.. See you..Save trees🌲🌳🌴Save life..Stay tune.. Stay Safe.. 👍
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