जो दिल में है वो कह डालो, मत सोचों की दुनिया क्या कहेगी। हर वक़्त, हर जगह बौद्धिक होना ज़रूरी नहीं। पेट पालने के लिए पैसों की ज़रूरत होती है लेकिन वक़्त काटने के लिए पागलपंती की ज़रूरत ज़बरदस्त पड़ती है, तो आइये मिलकर थोड़ा पागलपन करते है, बवाल काटते है और बिना एक दुसरे को देखे एक दूसरे की कल्पना करते है......
विनय, मां को उनकी पसंद वाले एक रेस्रा में ले गया, एक टेबल पर बैठने के बाद विनय मेन्यू देखने लगा, मेन्यू पढते हुए विनय ने आंख उठाकर देखा तो पाया कि मां उसे ही देख रही थी और एक उदास सी मुस्कारन उनके होंठो पर थी...... आप अपनी लिखी कविता या कहानियों को हमे नीचे लिखी ईमेल आईडी पर भेज सकते है, हम आपके नाम और पहचान के साथ उसे इस मंच पर आवाज़ देकर रिलीज़ करेंगे। deepti.yaduvanshi1988@gmail.com
28 Aug 2020
#ये उम्र चालीस की बड़ी अजीब होती है☺️😘
न कोई हसीना मुस्कुराके देखती है,
ना ही नजरों के तीर फेंकती है,
और आँख लड़ भी जाये जो गलती से,
तो ये उम्र तुम्हें दायरे में रखती है।
कदर नहीं थी जिसकी जवानी में,
वो पत्नी अब बड़ी करीब होती है। आप अपनी लिखी कविता या कहानियों को हमे नीचे लिखी ईमेल आईडी पर भेज सकते है, हम आपके नाम और पहचान के साथ उसे इस मंच पर आवाज़ देकर रिलीज़ करेंगे। deepti.yaduvanshi1988@gmail.com
10 Aug 2020
क्या बताऊं दोस्तों, लो आज फिर रह गया..
लो आज फिर रह गया.. बोला था उन्होंने, इस बार चलेंगे बाहर, करेंगे डिनर... करेंगे कुछ शॉपिंग क्योंकि तुम्ही तो हो इस हफ्ते की विनर... न जाने क्यों ये सबकुछ धरा का धरा रह गया...क्या बताऊं दोस्तों, लो आज फिर रह गया..
3 Aug 2020
भईया, यू आर जस्ट लाइक रसगुल्ला.😀😀 रक्षाबंधन पर ख़ास।
भाई- बहन की शैतानियों और बचपन में साथ बिताए पलों का गुलदस्ता 'भईया यू अर जस्ट लाइक रसगुल्ला'। रक्षाबंधन की अनन्त शुभकामनाएं💐😊
2 Aug 2020
साथ चला था वो मेरे- friendship day special...
जब मै घर पर न होऊं, तब तो पक्का आता था।हलवा खाता पूरी खाता, सारे राज़ बताता था। कभी बताये पापा को की सिग्नेचर मै करता हूं। कभी बताये मम्मी को मै लड़की फॉलो करता हूँ😊😊☺️☺️
26 Jul 2020
कारगिल विजय दिवस ख़ास
क्या हुवा जब पहेली बार फ़ौज में मेजर को बकरा काटने के लिए बुलाया गया....जब
मुर्गे खरीदते वक़्त हुवा आतंकियों से सामना....कारगिल विजय दिवस पर सुनिए सेना के जवानों के कुछ किस्से मेजर आशीष चतुर्वेदी की जुबानी।😊🐸
23 Jul 2020
जलेबी के नाम प्रेम पत्र- प्रिय जलेबी, तुम मेरा पहला प्यार हो। 😊
प्रिय जलेबी, तुम मेरा पहला प्यार हो, तुम मेरे लिए सावन का सोमवार हो, सुबह देर तक सोने वाला इतवार हो, तुम मेरा रस, छन्द, अलंकार हो.... प्रिय जलेबी, तुम मेरा पहला प्यार हो।
17 Jul 2020
उस कड़ाही से मेरी दोस्ती करा दो।
उस कड़ाही से मेरी दोस्ती करा दो, माँ की रसोई से थोड़े फासले बढ़ रहे, बस वो फासले कम करा दो, उस कड़ाही से मेरी दोस्ती करा दो।
15 Jul 2020
मेरा वो प्यार सा बस्ता..
बड़ा खूबसूरत हुवा करता था हमारा वो बस्ता, जिसमे पेन, पेन्सिल और टिफिन का होता था गुलदस्ता... अब कहीं खो सा गया है...
13 Jul 2020
मै चला....
मै क्यों चला अक्सर मै ये सोचता हूँ... दोस्त कहते है कि मै सबको भूल गया, उन्हें क्या पता की मै हर रोज़ यादों के पिटारे खोलता हूँ। बैठा भले ही हूं ऑफिस में लेकिन कभी- कभी शर्ट की बटन खोलकर उन कमीनों को दिल में टटोलता हूँ। अक्सर मै सोचता हूँ
11 Jul 2020
तुम समझते नहीं.....
कुछ खूबसूरत शिकायतों को अभी नज़रंदाज़ न करें, प्यार के बदले सिर्फ प्यार करे।। अल्फ़ाज़ों को मत रोको, जो दिल में हो कह डालो।
10 Jul 2020
याद आते है वो दिन...
नई ज़िम्मेदारियों की गठरी लिए हम आगे बढ़ते जा रहे है, उस कोने में शायद नज़र भी नहीं जा रही जहाँ यादों की एक पोटली धूल और मकड़ी के जालों से लदी हुई है, उसे शायद हमारा ही इंतज़ार है। चलिये हम साथ मिलकर वो गर्दा झाड़ते है जले हटाते है और याद करते है वो दिन.....
9 Jul 2020
वो सब बड़ा याद आता है...
If you carry your childhood with you, you never become older.
Host of मन का मेंढक (Man Ka Mendhak)?
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