शहरों के रास्तों में बंजारे सा उड़ना चाहता हूँ
सारी सीमाएँ लाँघ में सात समुंदर पार करना चाहता हूँ
बस ठोकर खाकर रुकना न चाहता हूँ
बे सूत मंसूबे पूरे करना चाहता हूँ
ए खुदा न डर तू तेरी उम्मीद सिवा मैं कुछ ना चाहता हूँ
मैं आसमान चीर असलियत बदलना चाहता हूँ
तेरे दिये हुए हर एक किरदार को बख़ूबी निभाना चाहता हूँ
फिक्र न कर खुदा मैं आख़िरी वक़्त पे तुझे कोसना न चाहता हूँ
मैं अपनी बुनियादों के सागर पर अपनी ज़िंदगी ख़ुद जीना चाहता हूँ
तु लिखते लिखते थक जाएगा पर ये आकांक्षाओं की सीमाएं तू कभी न पूरी कर पाएगा
क्योंकि ये ताक़त तूने मुझ में समायी है तू तो बस साथ चलता जाएगा
9 Jul 2021
Hum dost nahi hain
The feeling of betrayal is very common these days greed is in the air. मुझे माफ़ करना हम दोस्त नहीं
अगर देने के लिए तुम्हारे पास साथ नहीं है
करने के लिए हमारे पास कोई बात नहीं है
मेरे पूछे हुए सवालों का कोई जवाब नहीं है
तो मुझे माफ़ करना हम दोस्त नहीं हैं
मेरी कोशिशों का तुम्हें कोई एहसास नहीं है
मेरे सब्र का तुम है कोई अंदाज़ नहीं है
चलो माफ़ किया तुम्हें कोई बात नहीं है
पर दोस्त तुम कौन ये मुझे याद नहीं है
शायद इसलिए आज कोई मेरे साथ नहीं है
चलो अच्छा है कोई बात नहीं है
4 Jul 2021
Agar hum sath hote
The story of forbidden love. कि हम साथ होते तो क्या बात होती
ना दूसरों के नज़रियों से हमारे रिश्ते की बुनियाद होती
उन महफ़िलों में सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारे ही प्यार की बात होती
ख़ुशनुमा एहसास में जनम जनम साथ रहने की सौग़ात होती
हम साथ होते तो क्या बात होती
लोगों की सोच से परे वो हर एक मुलाक़ात होती
हाथों में हाथ होता और तुम मेरे पास होती
दिल से अपनाता तुम्हें अगर तुम्हारी अपनी इजाज़त होती
हम साथ होते तो क्या बात होती
पर तुमने चुना नज़रिया लोगों का उनका जिनसे हमारी मुलाक़ात नहीं होती ।
असली था जो तुम से इज़हार करता था औरों की तो किसी और से ही बात होती थी
अरे मैं क्या हर एक लम्हें में मेरी रूह भी तेरे साथ होती
हम साथ होते तो क्या बात होती
Host of The life of unknown?
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