PODCAST VOICE OVER STORIES, MOTIVATIONAL CONTENTS & POETRY
HEART TOUCHING OWN INSPIRATIONAL STORIES on Life & Relationship
Dinesh Mani-Ahmedabad- INDIA
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डटे रहो अड़े रहो।। जय हिंद
सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना_अवतार सिंह संधू “पाश” Narrated by Dinesh Mani
मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती
पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती
गद्दारी, लोभ की मुट्ठी सबसे
खतरनाक नहीं होती
बैठे बिठाए पकड़े जाना
बुरा तो है
सहमी सी चुप्पी में जकड़े
जाना बुरा तो है
पर सबसे खतरनाक नहीं होता
सबसे खतरनाक होता है मुर्दा शांति से भर जाना
ना होना तड़प का सब कुछ सहन कर जाना
घर से निकलना काम पर और काम से लौट कर घर आना
सबसे खतरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना
सबसे खतरनाक होती है,
कलाई पर चलती घडी, जो वर्षों से स्थिर है।
सबसे खतरनाक होती है वो आंखें
जो सब कुछ देख कर भी पथराई सी है
वो आंखें जो संसार को प्यार से निहारना भूल गयी है
वो आंखें जो भौतिक संसार
के कोहरे के धुंध में खो गयी हो जो भूल गयी हो दिखने वाली वस्तुओं के सामान्य अर्थ और खो गयी हो व्यर्थ
के खेल के वापसी में सबसे खतरनाक होता है वो चांद जो प्रत्येक हत्या के बाद उगता है सूने हुए आंगन में जो चुभता भी नहीं आंखों
में गर्म मिर्च के समान सबसे खतरनाक होता है वो गीत जो मातमी विलाप के साथ कानों में पडता है और दुहराता है बुरे आदमी की दस्तक डरे हुए लोगों के दरवाजेपर मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती गद्दारी, लोभ की मुट्ठी सबसे खतरनाक नहीं होती सबसे खतरनाक होता है, हमारे सपनों का मर जाना
25 Mar 2024
Main Andhbhakt Hu by Dinesh Mani
Written by Amber Arondekar & Narrated by Dinesh Mani
पहले सहिष्णु था, नरम था, अब सख्त हूं,
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं अंधभक्त हूँ।
तुमने कहा हिंदी
चीनी भाई भाई,
तुम्हीं ने
गंगा-जमनी तहज़ीब सिखाई,
जो कट चुका हूँ कई
बार मैं वो ही दरख़्त हूं।
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।
अहिंसा का पाठ बस
मुझे ही पढ़ाया गया,
मेरे देश में मुझे
ही रेफ्यूजी बनाया गया।
नाकारा कई बैठते
रहे मुझपर मैं दिल्ली का तख्त हूं
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।
राम के अस्तित्व को
तुमने नकारा,
अकेले रहीम को
तुमने दुलारा,
बरसों बरस तक हमको
दुत्कारा,
जो देर से सही मगर
बदला है वो वक्त हुं,
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।
शीश अक्सर मेरे कटे, खेत खलिहान मेरे लुटे,
आक्रांताओं के हाथ
तुम लोग बिके,
जो बह रहा है
कश्मीर और बंगाल में
मैं वही हिंदू
शोणित हुं रक्त हूं,
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।
तुम चाहते हो हम
फिर बंट जाएं,
तुम चाहते हो हम
फिर कट जाएं
तुम्हारे स्वार्थ
पथ से,
महाराणा और वीर
शिवाजी के वंशज हट जाएं
अपने राष्ट्र से
अपनी पहचान से आसक्त हूं
तुम चाहे जो कह लो मैं भक्त हूं हां अंधभक्त हूँ।
अब परदे हमारी
आंखों से हट गये हैं,
इसीलिए तुम्हारी
आंखों में खटक गये हैं।
अब अहिंसा और झूठे
भाईचारे से विरक्त हूँ
तुम्हारे साथ या
तुम्हारे बिना मैं भक्त हूँ, हां मैं अंधभक्त हूँ।
- एक अंध अनन्य भक्त
15 May 2023
Jeevan Ka Pahiya Cover Song From Woh 3 Din
Cover Song By Dinesh Mani-DAG MAG MAG DAG
Movie-: Wo 3 Din
ORIGINAL CREDITS: Song : Dagmag
Music : Raaj Aashoo Lyrics : Seepi Jha
Singer :Sanjay Mishra Music Production :Aditya Dev Mixed and Mastered : Aditya Dev
Written By:Seepi Jha Directed By:Raaj Aashoo Produced By:Pancham Singh
Co-Produced By:Dhirendra Shukla & Kalapi Nagada Associate Producer:Harjinder Singh Gil
Dop:Jigar Khan Editor:Amit Aanand Art:Sandhya Sharma Artwork & Motion Video: Abhinay Soni
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