कर्म, भक्ति, योग, ज्ञान और तंत्र के अनुभवों का सहयोग देकर जीवन को सफल और समर्थ बनाने पर साथियों की सहायता
contact us-
jagdishvyas108@gmail.com
Youtube channel- https://www.youtube.com/channel/UCHTJx5P90RqYVa5PRQQXppw
facebook page-
https://m.facebook.com/jagdishvyas.gyanyogi/?
listen podcast - https://anchor.fm/jagdish-vyas-podcast
join telegram group- https://t.me/joinchat/UF9N2Rsc3u_rrJCCX-skjw
।।भक्ति - योग तथा ज्ञान में अध्यात्म की संपूर्णता है।। जगदीश व्यास(सहयोगी) (part-B)
भक्ति, योग तथा ज्ञान की त्रिवेणी में जो मन उतर कर ठहर गया वह पूर्णतः परिशुद्ध हो गया।
मन के प्रश्न, संदेह तथा अतृप्ति का समाधान और समापन हो जाता है- भक्ति, योग तथा ज्ञान की शक्ति का त्रिशूल समस्त शूल को निर्मूल कर देता है।
हमारा मन एक बार इनमें से राजी होकर, बिना किसी अपेक्षा के गुजर जाय, तो फिर गुजरना शेष नहीं रहता।
शेष रहता है- प्रेम, शांति, आनंद
धन्यवाद।।
जगदीश व्यास (सहयोगी)
contact us-
jagdishvyas108@gmail.com
facebook page-
https://m.facebook.com/jagdishvyas.gyanyogi/?
listen podcast - https://anchor.fm/jagdish-vyas-podcast
join telegram group- https://t.me/joinchat/UF9N2Rsc3u_rrJCCX-skjw
#spritualtalk #adhyatmikchintan #jagdishvyas #sprituality #sahyogi #samarth #adhyatmikcharcha
4 Nov 2020
।।भक्ति - योग तथा ज्ञान में अध्यात्म की संपूर्णता है।। जगदीश व्यास(सहयोगी) (part-A) #jagdishvyas
भक्ति, योग तथा ज्ञान की त्रिवेणी में जो मन उतर कर ठहर गया वह पूर्णतः परिशुद्ध हो गया।
मन के प्रश्न, संदेह तथा अतृप्ति का समाधान और समापन हो जाता है- भक्ति, योग तथा ज्ञान की शक्ति का त्रिशूल समस्त शूल को निर्मूल कर देता है।
हमारा मन एक बार इनमें से राजी होकर, बिना किसी अपेक्षा के गुजर जाय, तो फिर गुजरना शेष नहीं रहता।
शेष रहता है- प्रेम, शांति, आनंद
धन्यवाद।।
जगदीश व्यास (सहयोगी)
contact us-
jagdishvyas108@gmail.com
facebook page-
https://m.facebook.com/jagdishvyas.gyanyogi/?
listen podcast - https://anchor.fm/jagdish-vyas-podcast
join telegram group- https://t.me/joinchat/UF9N2Rsc3u_rrJCCX-skjw
#spritualtalk #adhyatmikchintan #jagdishvyas #sprituality #sahyogi #samarth #adhyatmikcharcha
10 Oct 2020
।।धर्म की परिभाषा नहीं होती।। जगदीश व्यास (सहयोगी)
जब से धर्म के नाम पर अनेक व्याख्याएं, मतमतान्तर और विरोधाभाष होने लगे, तब इन्ही कोलाहल में से अनेक पंथ, जाती, सम्प्रदाय, संस्थाओ और संगठनों से जो हलाहल निकला, उससे आज भी पूरी मानवता अभिशापित है।
धर्म को साधन बनाकर मानवता का संहार हो रहा है।
क्या ऐसी होती है धर्म की उपयोगिता?
वास्तव में जो धर्म है उसे परिभाषित नही किया जा सकता।
धर्म कभी भी अनेक मुखोटों वाला नही हो सकता।
धर्म मे एकत्व है, इसलिये भेद नही हो सकता।
अभेद होने से धर्म भयभीत नही करता।
धर्म एक है, शाश्वत है, आनंद है।
धन्यवाद।।
जगदीश व्यास (सहयोगी)
Contact जगदीश व्यास (सहयोगी)
Guest appearances
Does not typically book guests
Based on episode analysis; this does not confirm that the show is currently accepting guests.
Host of जगदीश व्यास (सहयोगी)?
Claim your podcast to manage its listing and keep your show details accurate.
Pod Engine is an independent podcast discovery and analytics service and is not affiliated with or endorsed by this podcast. Artwork and show content belong to their owners. Full legal notice.
Explore this show Podcast research with Pod Engine