डॉलर की तुलना में रुपया करीब 11 फीसदी गिर चुका है और 20 अक्टूबर 2022 को भारतीय करंसी 83.07 के साथ नए ऑल टाइम लो लेवल पर पहुंच गई। इसकी तुलना में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स नोफ़्ती 2022 में अभी तक 1 फीसदी चढ़ा है।
26 Oct 2022
कांटे ही कांटे दिख रहे मल्लिकार्जुन खरगे की राह में
क्या खरगे कांग्रेस की डूबती हुई नैया को पार लगा पाएंगे यह आने वाला वक्त बताएगा
7 May 2022
ज़िंदगी
जिंदगी के रंगमंच पर अलग अलग इंसान तीन प्रकार की जिंदगी जीते हैं। एक जो हम जी रहे होते हैं, दूसरी जो हम जीना चाहते हैं और तीसरी चाहकर भी हम जी नहीं पाते हैं। मतलब जो हासिल है वह जद्दोजहद है, जिसे पाना चाहते हैं वह ख्वाहिश है और जो मिल नहीं रहा वह खुन्नस है.....
6 May 2022
रिजल्ट
हर मां बाप की आशा होती है कि उसकी संतान पढ़ लिखकर अच्छे ओहदे पर हो। यह सही भी है कि कोई माँ बाप अपनी संतान को चपरासी नहीं बनाना चाहता है....
27 Jan 2022
अस्तित्व
एक लड़की के लिए उसका ससुराल, पति और परिवार अधिक मायने रखता है! लेकिन तब उसकी सारी आशाएं चकनाचूर हो जाते हैं, जब वही लोग उसके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने में जुट जाते हैं। ऐसे माहौल में तब सारी उम्र ये नारी अपने अस्तित्व को तलाशने में गुजार देती है!....आखिर कब तक?
23 Jan 2022
तुम्हारी बातें
प्रेम क्या है, किसी को पाना या खुद को खो देना? एक बंधन या फिर मुक्ति? जीवन या फिर जहर? इस बारे में सबकी अपनी अपनी राय हो सकती है, लेकिन मेरी नजर में प्रेम कुछ अलग है....जब आप प्रेम में डूब जाते हैं तो आपके सोचने का तरीका, आपके महसूस करने का तरीका, आपकी पसंद-नापसंद, यहां तक कि आपकी विचारधारा तक बदल जाती है....शायद यही वास्तविक प्रेम है।💘
21 Jan 2022
श्रेष्ठ कौन....ब्राह्मण या संत!
तीन वर्गों में जन्मा व्यक्ति संत तो बन सकता है, परंतु ब्राह्मण कदापि नहीं बन सकता। ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के लिए श्रेष्ठ करने पड़ते हैं, तभी व्यक्ति को ब्राह्मण कुल में जन्म मिलता है। संपूर्ण पृथ्वी पर ब्राह्मण से श्रेष्ठ केवल ब्राह्मण संत ही होता है।
21 Jan 2022
आईना
जब राजा के घर में जन्मी मैया सीता जरूरत पड़ने पर अपने पति के साथ चौदह साल वनवास में गुजार सकती हैं, तो क्या आज की आधुनिक नारी शादी के बाद जरूरत पड़ने पर अपने पति के साथ उसके गांव के पुराने मकान में नहीं गुजार सकती है....!!
20 Jan 2022
बढ़ता भारत घटती इंसानियत
आजकल एक चुनिंदा शब्द मिला है "भक्त", अरे मूर्ख! इस कृषि प्रधान देश में कितने युवा खेत की मिट्टी अपने शरीर पर लगाते हैं। सबको नौकरी चाहिए! तो राशन कैसे सस्ता होगा? जब उपजेगा कम और खपत ज्यादा होगी तो महंगाई को सहन करना ही पड़ेगा!
19 Jan 2022
पूर्ववृत्त
शिकायत न करके ब्लैकमेलर को शह दिया तो क्या भला होगा? भावावेश में आकर कोई और भूल कर जिंदगी जहन्नुम बना लो, इससे बेहतर यही होगा कि पूर्ववृत्त का होम कर इतिश्री कर लो...
19 Jan 2022
भाई साहब बोले...
वैद्य जी की दुकान पर आज काफी भीड़ थी, और सभी लोग नोटबंदी पर दलील दी रहे थे। उसी भीड़ में बैठे एक व्यक्ति ने कहा...सरकार को नोट ही ऐसी बनानी चाहिए जो एक समय सीमा पर खुद ही खत्म हो जाये, सारे झंझट से छुटकारा और काला धन भी नहीं बचेगा!
16 Jan 2022
यूपी चुनाव 2022
एक मजबूत लोकतंत्र के लिए हर बार चुनाव आते हैं, होते हैं और आगे भी होते रहेंगे। लेकिन इन चुनावों के बाद जो होता है, शायद उसपर किसी नज़र नहीं पड़ती। हर चुनाव में राजनीति के धुरंधर वादों की झड़ी लगा देते हैं। भी को भाई से लड़वाते है, हिन्दू-मुसलमान करवाते हैं। जाति को मुद्दा बनाते हैं और समाज मे आरक्षण का विष घोल देते हैं....
20 Aug 2021
जिंदगी
अपनी बात
20 Aug 2021
वक़्त बेवक़्त...
मेरे जज़्बात
24 Mar 2021
संयुक्त परिवार
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मानव जैसे अकेले रह गया है, और हो भी क्यों ना? क्योंकि अब उसने एकल परिवार में रहने की आदत जो बना ली है। वहीं इससे इतर संयुक्त परिवार, जिसमें मां-बाप और बच्चों के साथ दादा-दादी व घर के अन्य सदस्य जैसे- चाचा-चाची, बुआ आदि सभी साथ में रहते हैं। संयुक्त परिवार में अगर कभी किसी को कोई दिक्कत होती है तो एक दूसरे की सहायता के लिए पूरा परिवार जुट जाता है। बच्चों को छोड़कर ऑफिस जाना हो या कहीं बाहर जाना है तब भी निश्चिंतता के साथ जा सकते हैं। यहां बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ माता-पिता की नहीं बल्कि पूरे परिवार की होती है। इस संयुक्त परिवार में बच्चे संस्कार भी सीखते हैं, जो आगे चलकर उन्हें समाज में ना सिर्फ अच्छा स्थान दिलाता है बल्कि उनके वही पारिवारिक संस्कार उसे सफल बनने में मददगार भी साबित होते हैं।
10 Nov 2020
गांव वाली दीवाली
आज की दीवली में हमारे पास सबकुछ है,अधिक पैसा है, अधिक दोस्त हैं और सच कहें तो अधिक दिखावा है। पर वो गांव की आनंद वाली दीवाली नहीं है। पहले जेब तो खाली थी, लेकिन दिल प्रेम भवनाओं से भरा हुआ था! शायद यही वजह है कि की #गांव_वाली_दीवाली नहीं है अब!!!
10 Nov 2020
समाज का जहर....
हिन्दू vs मुसलमान
9 Nov 2020
कथानक - by Anupam (Trailer)
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Guest appearances
Does not typically book guests
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